Sun. Nov 29th, 2020

सीबीएसई को रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया

सी बी एस ई ने  24 मई के फैसले को दी थी चुनौती

नई दिल्ली : देश के सभी राज्यों में एमबीबीएस कोर्से में प्रवेश के लिये आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्‍ट यानी नीट परीक्षा के परिणाम पर लगी मद्रास हाईकोर्ट की रोक पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने ओने निर्णय में सीबीएसई को रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया है. सर्वोच्च अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के रोक को हटाने का आदेश दिया है.

उल्लेखनीय है कि तीन सप्ताह पूर्व मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने 8 जून को घोषित होने वाले नीट परीक्षा के परिणाम पर रोक लगा दी थी. इस परीक्षा में लगभग 12 लाख छात्र- छात्र शामिल हुईं हैं. उच्चतम न्यायालय ने परिणामों की घोषणा पर रोक संबन्धी मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर सोमवार को रोक लगा दी.

न्यायमूर्ति पीसी पंत और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अवकाश पीठ ने अपने निर्णय में कहा कि परीक्षा परिणाम की घोषणा और उसके बाद होने वाली काउंसिलिंग और दाखिला न्यायालय के समक्ष लंबित मामले के फैसले के अधीन होगा. साथ ही पीठ ने देश के सभी उच्च न्यायालयों से अनुरोध किया है कि वे नीट परीक्षा 2017 से संबंधित किसी भी याचिका को स्वीकार ना करें. यह निर्णय सीबीएसई की ओर से मद्रास उच्च न्यायालय के 24 मई के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवायी करते हुए दिया.

ख़ास बातें :

– न्यायालय का आदेश परीक्षा में शामिल हुए 12 लाख अभ्यर्थियों के लिये राहत लेकर आया है.

– एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए 12 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी.

– न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह पहले से तय कार्यक्रम के आधार पर परीक्षा परिणाम की घोषणा, काउंसिलिंग और दाखिला करें.

– उच्च न्यायालय ने सीबीएसई द्वारा नीट परीक्षा 2017 के परिणामों की घोषणा करने पर रोक लगा दी थी.

 

  • सीबीएसई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिन्दर सिंह ने पीठ को बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के कारण परीक्षा परिणाम घोषित करने और उसके बाद दाखिले की प्रक्रिया रूक गयी है,.
  • साथ ही वह आदेश उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले तय प्रक्रिया के साथ टकराव की स्थिति में है.
  • पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश उच्चतम न्यायालय द्वारा तय कार्यक्रम को परोक्ष तौर पर कमजोर कर रहा हैं.
  • उच्च न्यायालय के फैसले पर स्थगनादेश देते हुए पीठ ने कहा, हम सिर्फ एक आधार पर उच्च न्यायालय के फैसले पर स्थगन लगा रहे हैं.
  • यह आदेश परोक्ष तौर पर उच्चतम न्यायालय द्वारा तय कार्यक्रम को कमजोर बना रहा है.

– ग्रीष्मावकाश के बाद मामले की सुनवायी की तारीख तय करते हुए पीठ ने कहा,     उपरोक्त को देखते हुए, अंतरिम आदेश पर स्थगन लगाया जाता है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया जाता है कि वे नीट 2017 का परीक्षा परिणाम घोषित करें.

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